उत्तराखण्ड के बाँध और जल विद्युत परियोजनाएँ

क्षमता और वर्ष परियोजना चलाने वाली कम्पनी (THDC, UJVN लिमिटेड या NHPC) की वेबसाइट से लिए गए हैं।

परियोजनाएँ, क्षमता के क्रम में

परियोजनाक्षमता (मेगावाट)इकाइयाँनदीज़िलावर्षकम्पनी
टिहरी जल विद्युत संयंत्र1,0004 × 250भागीरथीटिहरी गढ़वाल—टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड
टिहरी पम्प स्टोरेज संयंत्र1,000————टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड
विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (निर्माणाधीन)444————टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड
कोटेश्वर जल विद्युत परियोजना4004 × 100———टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड
मनेरी भाली-II3044 × 76भागीरथीउत्तरकाशी2008यूजेवीएन लिमिटेड
धौलीगंगा पावर स्टेशन2804 × 70धौलीगंगापिथौरागढ़2005एनएचपीसी लिमिटेड
छिबरो2404 × 60टोंस—1975यूजेवीएन लिमिटेड
रामगंगा1983 × 66रामगंगापौड़ी गढ़वाल1975यूजेवीएन लिमिटेड
चीला1444 × 36गंगापौड़ी गढ़वाल1980-81यूजेवीएन लिमिटेड
खोदरी1204 × 30टोंस—1984यूजेवीएन लिमिटेड
मनेरी भाली-I903 × 30भागीरथीउत्तरकाशी1984यूजेवीएन लिमिटेड
गलोगी31 × 3——1907यूजेवीएन लिमिटेड

नदी और ज़िला केवल वहाँ दिए हैं जहाँ कम्पनी का पृष्ठ (या टिहरी ज़िला वेबसाइट) उन्हें बताता है। टनकपुर परियोजना की क्षमता किसी आधिकारिक पृष्ठ पर नहीं मिली, इसलिए यह तालिका में नहीं है। जाँच की तिथि 22 सितंबर 2026.

परीक्षा के लिए क्या याद रखें

  • टिहरी जल विद्युत संयंत्र (1,000 मेगावाट, 4 × 250) और टिहरी पम्प स्टोरेज संयंत्र (1,000 मेगावाट) THDC के हैं; टिहरी बाँध से भागीरथी और भिलंगना पर टिहरी जलाशय बना।
  • मनेरी भाली-I (90 मेगावाट, 1984) और मनेरी भाली-II (304 मेगावाट, 2008) दोनों उत्तरकाशी में भागीरथी पर हैं।
  • UJVNL के अनुसार छिबरो (1975) उत्तर भारत का पहला भूमिगत पावर स्टेशन था; यह टोंस पर इछाड़ी बाँध से पानी लेता है।
  • गलोगी (देहरादून से 22 किमी) 1907 में अंग्रेज़ों द्वारा चालू किए गए सबसे शुरुआती जल विद्युत संयंत्रों में है।
  • UJVNL के सभी संयंत्रों की कुल क्षमता 1,440.60 मेगावाट (UJVNL)।

हर तथ्य सरकारी वेबसाइट से लिया गया है और उसका स्रोत दिया गया है। जहाँ दो आधिकारिक स्रोतों में अंतर है, वहाँ दोनों आँकड़े दिखाए गए हैं।

अभ्यास करें

इस पृष्ठ के सत्यापित डेटा से बने 10 प्रश्न। हर उत्तर के साथ उसका आधिकारिक स्रोत दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना कौन सी है?

इस सूची में टिहरी जल विद्युत संयंत्र और टिहरी पम्प स्टोरेज संयंत्र, दोनों 1,000 मेगावाट (THDC)।

टिहरी बाँध किस नदी पर है?

भागीरथी पर; THDC के अनुसार टिहरी बाँध से भागीरथी और भिलंगना पर टिहरी जलाशय बना।

कोटेश्वर परियोजना की क्षमता कितनी है?

400 मेगावाट (4 × 100), THDC।

धौलीगंगा पावर स्टेशन किस ज़िले में है?

पिथौरागढ़; 280 मेगावाट (4 × 70), 2005 में चालू, NHPC।

विष्णुगाड पीपलकोटी परियोजना क्या है?

THDC की 444 मेगावाट की परियोजना जो उत्तराखण्ड में निर्माणाधीन है।

स्रोत

  1. thdc.co.in/en/faq, THDC India Ltd
  2. thdc.co.in/en/project-location, THDC India Ltd
  3. thdc.co.in/en/about-us/company-thdcil, THDC India Ltd
  4. ujvnl.uk.gov.in/operational-plants/, UJVN Ltd
  5. www.nhpcindia.com/welcome/project_detail/24/1.html, NHPC Ltd

इन स्रोतों से नियमों का मिलान किया गया: 22 सितंबर 2026 स्रोत लिंक नई टैब में खुलते हैं।

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